खीरे का रस एक बेहतरीन टॉनिक है। इसे चेहरे पर लगाने से ताजगी का एहसास होता है। आइए ऐसे ही कुछ सौंदर्य लाभों के बारे में जानकारी लेते हैं।
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खीरा, रूप बनाये हीरा
खीरे को यूं तो हम सलाद के तौर पर उपभोग करते हैं। कुछ लोगों के लिए यह वजन घटाने वाली डायट का हिस्सा होता है। लेकिन, खीरा रूप सौंदर्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद लाभकारी पोषक तत्व जैसे विटामिन के, सी और मैंगनीज और बीटा-कैरोटीन बालों और त्वचा को स्वस्थ रखने में बहुत उपयोगी होते हैं। खीरा नैचुरल क्लींजर है, जो त्वचा को निखार व सौंदर्य प्रदान करता है। खीरे में पाया जाने वाला सिलिकॉन तत्व त्वचा को स्वस्थ और सुंदर बनाने में मदद करता है। खीरे का रस एक बेहतरीन टॉनिक है। इसे चेहरे पर लगाने से ताजगी का एहसास होता है। आइए ऐसे ही कुछ लाभों के बारे में जानकारी लेते हैं। image courtesy : getty images - 2
त्वचा को चमकदार बनाये
खीरा त्वचा की कई समस्याओं को हल करने के साथ स्वस्थ और जवां बनाने रखने में मदद करता है। खीरे का रस त्वचा की जलन को दूर करके ठंडक प्रदान करता है। इसलिए यह एस्ट्रिंजेंट और टोनर के रूप में भी कार्य करता है। यह तैलीय त्वचा से छुटकारा पाने और त्वचा को चमकदार बनाने का एक आसान उपाय है। इसमें पानी की 95 प्रतिशत मौजूदगी के कारण त्वचा अच्छी से मॉइश्चराइज रहती है। खीरे से चेहरा धोने के लिए, बस खीरे के रस को लेकर अच्छे से गर्दन और चेहरे पर लगाकर 30 मिनट के लिए ड्राई होने के लिए छोड़ दें। और इसके बाद सामान्य पानी से चेहरा धो लें। image courtesy : getty images - 3
त्वचा को हाइड्रेट करे
पानी की मात्रा अधिक होने के कारण यह त्वचा को हाइड्रेट करने को सबसे अच्छा तरीका है। यह आसानी से किसी भी मॉइस्चराइजर क्रीम की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है। खीरे के साथ दही का इस्तेमाल सुखदायक और हाइड्रेटिंग फेस पैक के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। त्वचा को हाइड्रेट करने के लिए फेस मास्क बनाने के लिए बस थोड़े से खीरे के रस में समान मात्रा में दही लेकर मिला लें। फिर इसे अच्छी तरह मिक्स करने के बाद अपने चेहरे पर लगायें। आप दही की जगह कच्चे दूध का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। image courtesy : getty images - 4
स्किन टैंनिग, सनबर्न और रैशस कम करें
खीरा का उपयोग ब्लीचिंग के लिए किया जा सकता है। यह त्वचा से टैन और निशान को कम करके त्वचा की रंगत को निखारता है। फेस पैक बनाने के लिए खीरे की प्यूरी या जूस में बराबर मात्रा में नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाकर 15 मिनट के लिए छोड़ दें। सनबर्न से बचने के लिए आप इसमें एलोवेरा जैल भी मिला सकते है। यह उपाय सूजन, चकत्ते और त्वचा के जलने से राहत प्रदान करता है। image courtesy : getty images - 5
एंटी-एजिंग भी है खीरा
खीरा त्वचा में कसाव लाने के लिए बेहद फायदेमंद है। मैगनीज और पोटेशियम की मौजूदगी के कारण खीरे का उपयोग उम्र बढ़ने के संकेत जैसे फाइन लाइन, झुरियां और सुस्त त्वचा को दूर करता है। एंटी एजिंग उपचार के लिए खीरे के साथ अंडे का सफेदी का इस्तेमाल फायदेमंद होता है। अंडे में प्रोटीन के साथ बायोटिन, शरीर में क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत में मदद करता है। एंटी रिंकल मास्क बनाने के लिए एक अंडे की सफेदी में एक बड़ा चम्मच खीरे और नींबू का रस अच्छे से मिलाकर चेहरे पर 15 मिनट तक लगाकर चेहरे को धो लें। image courtesy : getty images - 6
काले घेरों और पफी आंखों के लिए
व्यस्त कार्यक्रम के चलते अक्सर काले घेरे और पफी आंखों की समस्या हो जाती है। लेकिन खीरा इस समस्याओं के लिए बहुत ही आसान और त्वरित तरीका है। खीरे में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और सिलिका की प्रकृति ठंडी होने के कारण यह त्वचा में निखार लाने में मदद करता हैं। साथ ही वॉटर रिटेंशन को कम कर आंखों के नीचे सूजन को नियंत्रित करता है। आंखों पर खीरे के स्लाइस को 20 मिनट तक लगाने से काले घेरे और सूजन की समस्या ठीक हो जाती है। इसके अलावा, खीरे के रस में कॉटन बॉल को डूबोकर आंखों के आस-पास रखें। image courtesy : getty images - 7
मुंहासों को दूर करें
खीरे में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा के रोमछिद्रों से अत्यधिक तेल को निकालकर त्वचा को मुंहासों से मुक्त रखने में मदद करता है। मुंहासों की समस्या होने पर खीरे में थोड़ी सी हल्दी और नींबू की कुछ बूंदें मिलायें। खीरे के साथ हल्दी का संयोजन एक अच्छा एक्सफोलिएटिंग एजेंट के रूप में काम करता है, और निशान और सूजन को कम करने में मदद करता है। साथ ही नींबू में विटामिन सी स्कार्स को हल्का करने में मदद करता है। image courtesy : getty images - 8
मजबूत बाल
खीरे में मौजूद आवश्यक पोषक तत्व जैसे पोटेशियम, कैल्शियम, सल्फर, सिलिकॉन आदि स्वस्थ बालों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मजबूत बालों के लिए आप आधा गिलास खीरे के रस को नियमित रूप से लें या फिर इनसे अपने बालों को रिंस करने के लिए इस्तेमाल करें। यह कंडीशन के रूप में काम करता है और क्षतिग्रस्त बालों की मरम्मत करता है। image courtesy : getty images - 9
स्वस्थ और चमकदार बाल
अगर बालों के झड़ने या जड़ों के कमजोर होने के कारण आपके बाल बेजान और रूखे हो गये हैं तो खीरे के रस में नींबू का रस मिलाकर बालों की जड़ों में अच्छी तरह रगड़ें। इससे बालों की जड़ें तो मजबूत होंगी ही, आपके बाल मुलायम, रेशमी, घने, लंबे, काले और चमकदार भी बनेंगे। इसके अलावा खीरा, ऑलिव ऑयल और अंडे का मास्क बनाकर बालों में लगाने से क्षतिग्रस्त बालों में नई जान आती है। इसे बनाने के लिए एक अंडे में एक चौथाई खीरे के गूदे और थोड़े से जैतून के तेल को मिलाकर अच्छे से मिक्स कर लें। फिर इसे बालों में 10 मिनट तक लगाकर बालों को धो लें। image courtesy : getty images
खीरा सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। इसके सौंदर्य लाभ के बारे में तो आपने काफी कुछ सुना होगा, लेकिन यह आपकी सेहत के लिए कितना और किस तरह फायदेमंद है इसके बारे में आज हम आपको बताते हैं। कम फैट व कैलोरी से भरपूर खीरे का सेवन आपको कई गंभीर बीमारियों से बचाने में सहायक है।
सलाद के तौर पर प्रयोग किए जाने वाले खीरे में इरेप्सिन नामक एंजाइम होता है, जो प्रोटीन को पचाने में सहायता करता है। खीरा पानी का बहुत अच्छा स्रोत होता है, इसमें 96% पानी होता है। खीरे में विटामिन ए, बी1, बी6 सी,डी पौटेशियम, फास्फोरस, आयरन आदि प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं। नियमित रुप से खीरे के जूस शरीर को अंदर व बाहर से मजबूत बनाता है। खीरा कब्ज से मुक्ति दिलाने के साथ ही पेट से जुड़ी हर समस्या में फायदेमंद साबित होता है। इसके अलावा एसिडिटी, छाती की जलन में नियमित रूप से खीरा खाना लाभप्रद होता है। जानिए खीरे के ऐसे ही स्वास्थ्यवर्धक लाभ के बारे में जिनके बारे में आपने पहले कभी नहीं सुना होगा-
बालों व त्वचा की देखभाल
खीरे में सिलिकन व सल्फर बालों की ग्रोथ में मदद करते हैं। अच्छे परिणाम के लिए आप चाहें तो खीरे के जूस को गाजर व पालक के जूस के साथ भी मिलाकर ले सकते हैं। फेस मास्क में शामिल खीरे के रस त्वचा में कसाव लाता है। इसके अलावा खीरा त्वचा को सनबर्न से भी बचाता है। खीरे में मौजूद एस्कोरबिक एसिड व कैफीक एसिड पानी की कमी( जिसके कारण आंखों के नीचे सूजन आने लगती है।) को कम करता है।
कैंसर से बचाए
खीरा के नियमित सेवन से कैंसर का खतरा कम होता है। खीरे में साइकोइसोलएरीक्रिस्नोल, लैरीक्रिस्नोल और पाइनोरिस्नोल तत्व होते हैं। ये तत्व सभी तरह के कैंसर जिनमें स्तन कैंसर भी शामिल है के रोकथाम में कारगर हैं।
मासिक धर्म में फायदेमंद
खीरे का नियमित सेवन से मासिक धर्म में होने वाली परेशानियों से छुटकारा मिलता है। लड़कियों को मासिक धर्म के दौरान काफी परेशानी होती है, वो दही में खीरे को कसकर उसमें पुदीना, काला नमक, काली मिर्च, जीरा और हींग डालकर रायता बनाकर खाएं इससे उन्हें काफी आराम मिलेगा।
मधुमेह व रक्तचाप में फायदेमंद
मधुमेह व रक्तचाप की समस्या से बचने के लिए नियमित रुप से खीरे का सेवन फायदेमंद हो सकता है। खीरे के रस में वो तत्व हैं जो पैनक्रियाज को सक्रिय करते हैं। पैनक्रियाज सक्रिय होने पर शरीर में इंसुलिन बनती है। इंसुलिन शरीर में बनने पर मधुमेह से लड़ने में मदद मिलती है। खीरा खाने से कोलस्ट्रोल का स्तर कम होता है। इससे हृदय संबंधी रोग होने की आशंका कम रहती है। खीरा में फाइबर, पोटैशियम और मैगनीशियम होता है जो ब्लड प्रेशर दुरुस्त रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। खीरा हाई और लो ब्लड प्रेशर दोनों में ही एक तरह से दवा का कार्य करता है।
वजन कम करने में मददगार
जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उन लोगों के लिए खीरे का सेवन काफी फायदेमंद रहता है। खीरे में पानी अधिक और कैलोरी कम होती है, इसलिए वजन कम करने के लिए यह अच्छा विकल्प हो सकता है। जब भी भूख लगे तो खीरे का सेवन अच्छा हो सकता है। सूप और सलाद में खीरा खाएं। खीरा में फाइबर होते हैं जो खाना पचाने में मददगार होते हैं।
आंखों के लिए लाभकारी
अक्सर फेसपैक लगाने के बाद आंखों की जलन से बचने के लिए खीरे को स्लाइस की तरह काटकर आंखों की पलक के ऊपर पर रखते हैं। इससे आंखों को ठंडक मिलती है। खीरा की तासीर जलन कम करने की होती है। जरूरी नहीं है कि सिर्फ फेसपैक लगाने के बाद ही ऐसा कर सकते हैं। जब भी आंखों में जलन महसूस हो तो आप खीरे की मदद ले सकते हैं।
मसूडे स्वस्थ रखता है
खीरा खाने से मसूडों की बीमारी कम होती हैं। खीरे के एक टुकड़े को जीभ से मुंह के ऊपरी हिस्से पर आधा मिनट तक रोकें। ऐसे में खीरे से निकलने वाला फाइटोकैमिकल मुंह की दुर्गंध को खत्म करता है।
जोड़ों की दवा
खीरे में सीलिशिया प्रचुर मात्रा में होता है। इससे जोड़ों को मजबूती मिलती है और टिशू परस्पर मजबूत होते हैं। गाजर और खीरे का जूस मिलाकर पीने पर गठिया बाय रोग में मदद मिलती है। इससे यूरिक एसिड का स्तर भी कम होता है।
तो आम सा दिखने वाला खीरा कई गुणों से भरपूर होता है। तो, बिना देर किए आप खीरे को अपने आहार और सलाद का हिस्सा बनाइए।
सर्दी के मौसम में च्यवनप्राश कई रोगों से आपको दूर रखता है और बीमारियों से लड़ने के लिए शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है। इसके फायदे, नुकसान औऱ इस्तेमाल करने के तरीके के बारें में पढ़े।
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च्वनप्राश क्या होता है
आयुर्वेद में च्यवनप्राश की बड़ी महत्ता बताई गई है। यह एक ऐसा आयुर्वेदिक औषधि है जो बच्चे से लेकर बूढ़े सबको रखता है निरोग। इसे बनाने के लिए 40-50 घटकों की जरूरत पड़ती है। लेकिन मुख्य घटक आंवला है।ताजा आंवला विटामिन सी का बेहतरीन स्रोत होता है। इसे सुखाने या जलाने के बावजूद इसमें मौजूद विटामिन सी की मात्रा कम नहीं होती। च्यवनप्राश में औषधीय महत्व वाली लगभग 36 तरह की जड़ी-बूटियां होती हैं। केशर, नागकेशर, पिप्पली, छोटी इलायची, दालचीनी, बन्सलोचन, शहद और तेजपत्ता, पाटला, अरणी, गंभारी, विल्व और श्योनक की छाल, नागमोथा, पुष्करमूल, कमल गट्टा, सफेद मूसली सहित कई वनस्पतियां मिलाकर च्यवनप्राश तैयार किया जाता है। - 2
च्यवनप्राश के फायदे
च्यवनप्राश खाने से कई फायदे होते हैं। च्यवनप्राश के सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। पाचन शक्ति बढ़ती है और याददाश्त तेज होती है।शरीर में नई ऊर्जा का संचार कर जल्द बुढ़ापा आने से रोकता है। रेस्पिरेटरी सिस्टम को मज़बूत करता है।जुकाम और संक्रमण से आपकी रक्षा करता है।आजकल खाने में कोलेस्ट्रोल की मात्रा ज्यादा होती है। इससे दिल की बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। इससे युवकों में हृदयरोग होने का खतरा बढ़ जाता है। इसमें ऐसे हर्ब्स होते हैं जो शरीर से टॉक्सिन्स से निकालते हैं और ब्लड सरकुलेशन को बेहतर बनाते हैं।अनोखे हर्ब्स से बना होता है जो रक्त को साफ करके शरीर के नैचरल प्रोसेस को संतुलित करने में मदद करता है। - 3
च्यवनप्राश के नुकसान
बारिश के दिनों में अक्सर हमारी पाचनक्रिया गड़बड़ा जाती है। इसलिए इस दौरान च्यवनप्राश खाने से परहेज करें क्योंकि यह भारी होता है जिससे अपच, एसिडिटी और कब्ज आदि की समस्या हो सकती है। आंवला के चलते कुच लोगों को लूज मोशन होने की शिकायत भी हो जाती है। इसमे शर्करा की मात्रा ज्यादा होती है इसलिए मधुमेह के रोगी इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें। - 4
च्यवनप्राश खाने का तरीका
इसको आप ठंडे या गर्म दूध के साथ भी ले सकते हैं। इसको आप यूं ही खा सकते हैं, या रोटी में लगाकर भी खा सकते हैं।च्यवनप्राश को सालभर खाया जा सकता है। खट्टी और मसालेदार चीजें च्यवनप्राश खाने के आधे घंटे बाद ही खाएं क्योंकि ये जड़ी-बूटियों के प्रभाव को कम कर देती हैं। दस्त, नकसीर या छाले होने पर च्यवनप्राश का प्रयोग न करें क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है।इसे 5 साल से कम उम्र के बच्चों को यह नहीं खिलना चाहिए। अगर बच्चों को दे भी रहे हैं तो एक बार मे आधा चम्मच से अधिक न खिलाएँ। - 5
परखने का तरीका
च्वनप्राश की जांच करने के लिए एक कटोरी मे पानी लें, उसमे थोड़ा सा च्यवनप्राश डालें। यह तुरंत पानी के सतह मे बैठ जाना चाहिए। इसके हिस्से पानी मे फैलने नहीं चाहिए। अपने च्यानप्राश की क्वालिटी को परखने के लिए आप इसे सूंघकर देखें। इसमे से दालचीनी, इलायची, लौंग और काली मिर्च जैसे मसालों की फ्रेश खुशबू आएगी। टेस्ट करने पर इसके स्वाद मे मिठास कम महसूस होना चाहिए।







